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छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली हमले में शहीद हुए पवन कुमार भदोरिया का आज उनके गृह गांव कुपावली में किया गया सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार ।

स्टार न्यूज़ एमपी/डेस्क/भिण्ड

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले की सीमा पर 30 जनवरी को नक्सली हमले में शहीद हुए भिंड जिले के पवन भदोरिया का पार्थिव शरीर आज उनके गृह गांव कुपावली पहुंचने से पहले अमायन थाना परिसर में पहुंचा जहां पर शहीद की पार्थिव देह को को देखने के लिए हजारों लोग पहुंचे अमायन थाना परिसर से शुरू हुई गृह गांव के लिए यात्रा से पहले शहीद की गाड़ी के ऊपर फूल बरसा कर लोगों ने संवेदनाएं व्यक्त करते हुए पवन कुमार अमर रहे के नारे भी लगा रहे थे। और उनकी अंतिम यात्रा अमायन से शुरू होकर गृह गांव कुपावली पहुची ,सैनिक सम्मान के साथ पवन के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर ले जाया गया जहां पर भिंड जिले के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने माला चढा सेल्यूट कर शहीद का सम्मान किया, तदुपरांत सैनिक सम्मान के साथ राइफल से फायरिंग शहीद को अंतिम सलामी दी गई।
-शाहिद की अन्तिष्टि में शामिल हुए आसपास के गांव के हजारों लोग,
शहीद की अंतिम यात्रा में सम्मिलित होने के लिए आसपास के गांव के हजारों लोग एकत्रित और सब की आंखें नम होने के साथ-साथ सबको चंबल के इस वीर सबूत की शहादत पर गर्व हो रहा था,
-शहीद के पिता बोले बेटे की शहादत पर गर्व,
शहीद के पिता ने रोते हुए बताया कि उनका बेटा बहुत ही बहादुर था और हर कार्य को आगे बढ़कर करने वाला था जिद करके ही उसने कमांडो कोर्स किया था, शहीद पवन कुमार 2014 में सीआरपीएफ जॉइन की थी और 2018 में उनकी शादी हुई थी पवन कुमार के 3 साल की एक बेटी है,
-50 घरों वाले कुपावली गांव में हर घर से एक से अधिक युवा देश सेवा में,
गांव के सरपंच कुंवर साहब सिंह चौहान ने बताया कि 50 घरों वाले कुप्पावली गांव की आबादी लगभग 350 के करीब है और यहां के प्रत्येक घर से कम से कम एक युवा देश सेवा मैं फोर्स में तैनात है,किसी घर से चार तो किसी घर से पांच लोग भी देश सेवा में है चाहे अर्ध सैनिक बल अथवा कमांडो फोर्स हो नेवी अथवा एयरफोर्स हो इस गांव के युबा किसी ने किसी रूप में फोर्स में रहकर देश सेवा कर रहा है, 30 साल पहले भी इसी गांव के एक और सैनिक ने देश सेवा में रहते हुए शहादत दी थी।
-पवन कुमार ने दी सबसे उच्च कोटि की शहादत।
सीआरपीएफ आईजी पवन कुमार शर्मा ने बताया कि जब इस कोबरा बटालियन की नक्सलियों से मुठभेड़ हुई तो 400 के करीब नक्सली अत्याधुनिक हथियारों के साथ मौजूद थे और 4 घंटे चली मुठभेड़ में कोबरा बटालियन के तीन जवान शहीद हुए और 14 घायल हुए थे,जिनमे में पवन कुमार भदौरिया भी शामिल थे इस बहादुर कमांडो फोर्स के जवानों ने इतनी बड़ी तादाद में हमला करने आए नक्सलियों को अपनी शहादत देकर भागने पर मजबूर कर दिया था इस हमले में सबसे बड़ी बात सामने आई की पहली बार नक्सलियों ने सैनिकों पर हमला करने के लिए सुरंग का उपयोग किया था, मुठभेड़ स्थल पर सर्चिंग करने के बाद इस प्रकार के फुटप्रिंट मिले हैं 8 से 10 नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि होती है, पवन कुमार ने जिस प्रकार देश के अंदरुनी दुश्मन से लड़ते हुए अपनी शहादत दी है बह सैना में उच्च कोटि की मानी जाती है, शहीद पवन कुमार अपने पिता के इकलौते बेटे थे, शाहिद पवन कुमार को मुखाग्नि दाऊ के बेटे विकास उर्फ छोटू ने दी।

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Star News MP
Author: Star News MP

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